Our Team

Mrs. Saroj Kumari

Chairperson

सकारात्मक सोंच एवं सामाजिक समरूपता को बढ़ावा देने के उद्वेश्य से सृजित यह फाउंडेशन समाज के हर एक वर्ग के वृद्धि एवं समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। सफल और प्रभावी प्रशिक्षण (कौशल विकास) द्वारा महिलाओं को स्वाबलंबन की ओर ले जाना साथ ही ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में बदलाव लाकर सशक्त समाज का निर्माण हमारी प्राथमिकता है। “सुखी और खुशहाल परिवार एवं समृद्ध समाज ” के लिए प्रतिबद्ध यह फाउंडेशन निरंतर अग्रसर रहेगा।

Dr. Sarika

Founder

सामाजिक समरसता का परिचायक संस्कृति एवं पारंपरिक संगीत . भारत के विभिन्न राज्यों में बोली जानेवाली विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं एवं उनके वास्तविक स्वरुप को संरक्षित कर पारंपरिक विधाओं को उसके मूल रूप में नई पीढ़ी तक इसका हस्तांतरण कर बदलते परिवेश में अपनी मिट्टी की सोंधी खुशबू के साथ प्रेम ,सद्‌भाव एवं सहयोग की भावना को विकसित करना संस्था का उद्देश्य है | साथ ही सुखी एवं समृद्ध जीवन के लिए स्वस्थ जीवन, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वस्थ वातावरण में जीवनोपयोगी शिक्षा में योगदान देश के प्रति सच्ची श्रद्धा एवं योगदान है |

हमारा संकल्प सुखी एवं स्वस्थ भारत का निर्माण

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Mrs. Sheela Kumari

Member

भारतीय समाज के  परम्पराओं एवं संस्कृति से जुड़े होने के बावजूद समाज में स्त्रियों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं रही है , क्योंकि महिलाएं अपने अधिकार के प्रति उतनी जागरूक नहीं होती हैं  | स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता में भी काफी  कमी है | कर्तव्यपरायणता एवं उत्तरदायित्व निर्वहन के कारण स्वयं को नजर अंदाज करना उनका परिचायक बन चुका  है | हमारी कोशिश होगी समाज के हर तबके की महिलाओं में जागरूकता लाना एवं उन्हें स्वावलम्बन की और अग्रसर करना ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण संभव हो सके | 

pallavi

Dr. Pallavi

Member

हमारे समाज में महिलाओं की स्थिति दयनीय है । ज्यादातर महिलाएं न सिर्फ कम पढीं लिखी है बल्कि अगर वे अपना गुजर बसर करना चाहे तो किसी खास क्षेत्र में कुशलता के अभाव में कुछ कर पाने में स्वम को असमर्थ पातीं है । यह स्थिति अत्यंत दुखद है । अतः समाज के सशक्त लोगों को उनकी स्थिति सुधारने के लिए प्रयास करना चाहिए ।

 वैसे ही हमारे आस पास के वातावरण में भी बहुत आमूल-चूल परिवर्तन किया गया जिसका असर भी हमें दिखता है ।कभी सडक चौडीकरण के नाम पर कभी औधोगिकरण के नाम पर पेड़ों को काटा गया,  जो पर्यावरण को इस हद तक नुकसान पहुंचाया कि प्रकृति अपने रौंद्र रूप धारण कर चुकी है और हर दिन प्राकृतिक आपदाएं आ रही है जिसके लिए हम सबको मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे ।